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अलग-अलग थीम पर तैयार हो रही मां दुर्गा की प्रतिमा.. ऑपरेशन सिंदूर वाली प्रतिमा बनी सेंटर ऑफ अट्रैक्शन

नवरात्र में मां दुर्गा की अलग-अलग तरह की प्रतिमा बनाई जा रही हैं, जो लोगों को काफी ज्यादा पसंद आ रही है.

gnttv.com
  • वाराणसी,
  • 25 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 9:30 AM IST

भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस का परिचय पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में दिखाया, तो अब इसकी झलक शारदीय नवरात्र के पूजा पंडालों में भी देखने को मिलेगी. मूर्तिकार सिंदूर थीम पर बनी मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं. वाराणसी के खोजवा इलाके में मूर्तिकार न केवल वाराणसी, बल्कि आसपास के तमाम जिलों के लिए मूर्तियां तैयार करते हैं. जिन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की तैयार की गई मां दुर्गा की प्रतिमा के जरिए सेना के शौर्य का प्रदर्शन देखने को मिलेगा.

शुरू हुई मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठता
शारदीय नवरात्र शुरू हो चुका है जिसके साथ पूजा पंडालो में मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा भी शुरू हो चुकी है. लेकिन धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी जो शारदीय नवरात्र में मिनी बंगाल का रूप ले लेती है. काशी के सभी पूजा पंडालो में सप्तमी से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित हो जाती है.

यही वजह है कि काशी के मूर्तिकार मां दुर्गा की अलग-अलग थीम पर आधारित प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं. जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर तैयार होने वाली दुर्गा प्रतिमा की है.

क्या होता है शारदीय नवरात्र?
शारदीय नवरात्र हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो साल में आने वाले चार नवरात्रों (चैत्र, आषाढ़, आश्विन/शारदीय और माघ) में से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. यह नवरात्र आश्विन मास (सितंबर–अक्टूबर) में शरद ऋतु के आगमन पर मनाया जाता है, इसलिए इसे शारदीय नवरात्र कहते हैं.

शारदीय नवरात्र का समापन दशहरे या विजयादशमी पर होता है, जो असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और माँ दुर्गा ने महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी.

मां दुर्गा की अलग-अलग प्रतिमा
शहर के खोजवा इलाके में मूर्ति को अंतिम रूप देते हुए मूर्तिकार जयदेव बर्मन ने बताया कि देश की सेना की वजह से ही हम देश के अंदर शांति और सुकून से रह पाते हैं और सेना समय-समय पर अपनी वीरता और पराक्रम का परिचय दिया है. ऐसा ही कुछ ऑपरेशन सिंदूर में भी देखने को मिला था और इसी थीम को वे दुर्गा प्रतिमा में उतार रहे हैं. 

एक मूर्ति में मां दुर्गा अपनी गोद में सेना के घायल जवान थामे हुईं हैं. उन्होंने बताया इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी से निर्मित हरे पत्तों वाली दुर्गा प्रतिमा भी तैयार की गई है तो वही इलेक्ट्रॉनिक प्रतिमाओं की भी काफी डिमांड को देखते हुए इस बार इलेक्ट्रॉनिक दुर्गा प्रतिमाओं को तैयार किया गया है.

-रौशन जायसवाल की रिपोर्ट

 

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