धनतेरस पर सोना, चांदी और बर्तन खरीदने के साथ धनिया खरीदने की भी परंपरा है. मान्यता है कि इस दिन धनिया खरीदकर मां लक्ष्मी की पूजा में चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस की पूजा के बाद इस धनिया का क्या करना चाहिए? अगर नहीं जानते, तो चलिए हम आपको बताते हैं पूजा में धनिया से जुड़ी बातें.
धनतेरस पर धनिया खरीदना क्यों माना जाता है शुभ?
हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार बहुत खास माना जाता है. इस दिन से पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली के त्योहार की शुरुआत होती है. धनतेरस पर लोग सोना, चांदी, बर्तन और घर के लिए नई चीजें खरीदते हैं. इसके अलावा इस दिन धनिया खरीदना भी शुभ माना जाता है.
ज्योतिष के अनुसार, धनिया को धन, खुशहाली और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है. यही वजह है कि धनतेरस पर धनिया खरीदने की परंपरा है. मान्यता है कि इस दिन धनिया खरीदकर मां लक्ष्मी की पूजा में चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. लोग इसे घर में धन और खुशहाली बनाए रखने का एक शुभ उपाय मानते हैं.
धनतेरस की पूजा में कैसे चढ़ाएं धनिया?
धनतेरस पर धनिया खरीदते समय एक खास बात का ध्यान रखना चाहिए. इस दिन पिसा हुआ धनिया खरीदने के बजाय साबुत धनिया खरीदना चाहिए. धनतेरस की शाम मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा करते समय साबुत धनिया उनके चरणों में अर्पित करना चाहिए.
पूजा पूरी होने के बाद धनिया के बीजों को तुरंत हटाना नहीं चाहिए. इन्हें पूजा घर में ही रहने दें. इसके बाद दिवाली की रात जब मां लक्ष्मी की पूजा करें, तब इन बीजों को दोबारा पूजा में शामिल करें. ऐसा करना शुभ माना जाता है.
दिवाली की पूजा के बाद धनिया का क्या करें?
अब सवाल आता है कि धनतेरस से लेकर दिवाली तक पूजा में इस्तेमाल किए गए धनिया के बीजों का बाद में क्या करना चाहिए. दिवाली की पूजा के अगले दिन धनिया के कुछ बीज निकालकर अपनी तिजोरी में रख सकते हैं. अगर आपके घर में तिजोरी नहीं है, तो आप इन बीजों को उस जगह भी रख सकते हैं, जहां आप अपने पैसे और जरूरी सामान रखते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में धन और खुशहाली बनी रहती है.
वहीं, बचे हुए धनिया के बीजों को फेंकने के बजाय किसी गमले में बो देना चाहिए. इसके बाद जब बीजों से पौधा निकलने लगे, तो उसकी बढ़त को देखना चाहिए. धनिया के पौधे की बढ़त को आने वाले साल की आर्थिक स्थिति से जोड़कर देखा जाता है.