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Dusshera 2026: क्या है दशहरे का महत्व, किसकी करनी चाहिए इस दिन पूजा... किन खास उपाय से जीवन में आएगी सुख-समृद्धि?

दशहरे को केवल रावण दहन के तौर पर नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह तो बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है. साथ ही इस दिन कुछ खास उपाय को अपनाकर आप जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं.

dusshera 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:51 PM IST

दशहरा हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है. इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था. इस दिन मां दुर्गा की पूजा और रावण दहन भी किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे के दिन कुछ खास उपाय करने से घर में सुख-शांति आती है और जीवन की परेशानियां दूर करने की प्रार्थना की जाती है. चलिए बताते हैं दशहरे का महत्व, पूजा का तरीका और कुछ आसान उपाय.

दशहरे का क्या है महत्व?

दशहरे को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार नवरात्रि के समापन का प्रतीक है. इस दिन मां दुर्गा और भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है. साथ ही, कई जगहों पर शस्त्र पूजा भी होती है. मान्यता है कि दशहरे के दिन पूजा करने और अच्छे कामों की शुरुआत करने से सफलता का आशीर्वाद मिलता है.

दशहरे पर किसकी पूजा करनी चाहिए?

दशहरे के दिन मां दुर्गा और भगवान श्रीराम की पूजा करना शुभ माना जाता है. भक्त मां दुर्गा से शक्ति और भगवान श्रीराम से सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा मांगते हैं. इस दिन पूजा करके नए काम की शुरुआत भी की जा सकती है. अगर आप शस्त्र पूजा करते हैं, तो शस्त्र पर तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधें.

दशहरे की पूजा का समापन कैसे करें?

दोपहर के बाद मां दुर्गा और भगवान श्रीराम की पूजा करें. इसके बाद उनके मंत्रों का जाप करें. अगर आपने नवरात्रि में कलश स्थापित किया था, तो नारियल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें. कलश के जल को घर में छिड़क सकते हैं. पूजा स्थल पर शाम को घी का दीपक जलाएं. दशहरे की शाम मंदिर में दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है.

दशहरे पर करें ये आसान उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे पर कुछ छोटे उपाय किए जा सकते हैं.

  • मां दुर्गा को चढ़ाया गया नारियल प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.
  • देवी की चुनरी में सिक्का बांधकर पूजा स्थल पर रखें.
  • घर के मुख्य द्वार के पास शमी का पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें.
  • शाम को राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें.
  • जरूरतमंद व्यक्ति को मिठाई या कोई मीठी चीज दान करें.
  • सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार की सामग्री भेंट करें.

रावण दहन के बाद नहाना जरूरी है? शमी के पौधे का महत्व?

रावण दहन देखने के बाद स्नान करना कुछ परिवारों में धार्मिक परंपरा का हिस्सा है. लोग इसे स्वच्छता और मन की शांति से जोड़ते हैं.

दशहरे पर शमी के पौधे की पूजा करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि शमी का पौधा सुख-समृद्धि और विजय का प्रतीक है. आप इसे घर के मुख्य द्वार के बाईं ओर लगा सकते हैं. पौधे में नियमित रूप से पानी डालें और उसकी देखभाल करें.

 

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