Navratri 2026: आखिर क्यों मां दुर्गा को प्रिय है गुड़हल.. क्या हैं लाल फूल का महत्व.. जानें पूजा में कैसे करें इसका इस्तेमाल

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा को लाल रंग के फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं, जिनमें गुड़हल का फूल सबसे प्रमुख माना जाता है.

Maa Durga
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST

नवरात्रि हिंदू धर्म का एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. हर दिन का अपना विशेष महत्व होता है और भक्त पूरे श्रद्धा भाव से देवी की आराधना करते हैं. चैत्री नवरात्रि 2026 का शुभारंभ 19 मार्च दिन गुरुवार से हो गया है और इसका समापन 27 मार्च दिन शुक्रवार को होगा. 

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा को लाल रंग के फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं, जिनमें गुड़हल का फूल सबसे प्रमुख माना जाता है. लाल रंग को शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जो देवी दुर्गा के तेजस्वी और उग्र स्वरूप को दर्शाता है. गुड़हल का फूल मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय माना जाता है, इसलिए इसे अर्पित करने से देवी जल्दी प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं.

गुड़हल का फूल चढ़ाने के आध्यात्मिक लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा को गुड़हल का फूल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. यह फूल शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक होने के कारण व्यक्ति के आत्मबल को बढ़ाता है. साथ ही, इसे चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता भी है.

गुड़हल का फूल घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाने वाला भी माना जाता है. नियमित रूप से पूजा में इसका उपयोग करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है और परिवार में सौभाग्य बना रहता है. इतना ही नहीं, यह फूल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में भी सहायक माना जाता है, जिससे घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बना रहता है.

प्रेम, शांति और सफलता का प्रतीक
गुड़हल का फूल केवल शक्ति का ही नहीं, बल्कि प्रेम और स्नेह का भी प्रतीक माना जाता है. मां दुर्गा को यह फूल अर्पित करने से व्यक्ति के जीवन में प्रेम, शांति और संतुलन आता है. साथ ही, करियर और जीवन के अन्य क्षेत्रों में सफलता मिलने के योग भी बनते हैं.

पूजा में कैसे करें गुड़हल का सही उपयोग
नवरात्रि के दौरान सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं. इसके बाद लाल गुड़हल के ताजे फूल श्रद्धा से अर्पित करें और माता का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना व्यक्त करें. ध्यान रखें कि फूल ताजा और साफ होना चाहिए, तभी पूजा का पूर्ण फल मिलता है.

 

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