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चौथा बड़ा मंगल आज, जानें क्यों खास माना जाता है यह दिन और कैसे मिलती है हनुमान जी की कृपा

बड़ा मंगल ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाता है. इसे बूढ़वा मंगल भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान हनुमान और भगवान श्रीराम का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.

Bada Mangal 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:56 AM IST

ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले बड़े मंगल का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है. खासतौर पर उत्तर भारत में यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन भगवान हनुमान की पूजा करने से संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस बार चौथा बड़ा मंगल भक्तों के लिए बेहद खास माना जा रहा है. मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया जा रहा है. तो चलिए आपको बताते हैं चौथा बड़ा मंगल के महत्व के बारे में...

क्या है बड़ा मंगल
बड़ा मंगल ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाता है. इसे बूढ़वा मंगल भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान हनुमान और भगवान श्रीराम का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस दिन भक्त व्रत रखकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं. साथ ही जरूरतमंदों को भोजन और जल का दान भी किया जाता है.

2026 के सभी बड़े मंगल की तारीखें:
पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026
दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026
तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026
चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026
पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून 2026
छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026
सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026
आठवां बड़ा मंगल: 23 जून

चौथे बड़े मंगल का विशेष महत्व
चौथे बड़े मंगल को अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर हनुमान जी हर मनोकामना पूरी करते हैं. कई लोग इस दिन विशेष हवन और पूजा-अर्चना कराते हैं. धार्मिक जानकारों के मुताबिक चौथे बड़े मंगल पर दान-पुण्य करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

बड़ा मंगल पर कैसे करें पूजा?
बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान के बाद हनुमान जी की विधिवत पूजा करें. बजरंगबली को रोली और चंदन का तिलक लगाकर लाल पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें. कई भक्त इस दिन हनुमान जी को लाल चोला भी चढ़ाते हैं. इसके लिए चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर उसका लेप बजरंगबली की प्रतिमा पर लगाया जाता है. पूजा के दौरान बजरंगबली को हलवा पूरी, रोट या अन्य मीठे पकवान का भोग लगाया जाता है. इसके बाद जरूरतमंद लोगों में प्रसाद, शीतल जल और भोजन बांटना पुण्यकारी माना गया है. पूजा के बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है. इसलिए कोई एक पाठ जरूर कर लें.

इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े मंगल के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए और क्रोध से बचना चाहिए. हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इसके साथ ही जरूरतमंदों की सहायता करना भी पुण्यदायी माना गया है.

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