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Shaktipeeth Circuit Scheme: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा, इस योजना के तहत होगा देवी मंदिरों का कायाकल्प

चैत्र नवरात्रि के मौके पर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने एक बड़ा घोषणा की है. सरकार ने शक्तिपीठ सर्किट के तहत माता के सभी अहम मंदिरों का कायाकल्प करने का फैसला किया है.

Balrampur Patan Devi Temple (Photo: Wikipedia)
शिल्पी सेन
  • बलरामपुर,
  • 21 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST
  • नई पर्यटन नीति के तहत की गई घोषणा
  • कई मंदिरों का होगा कायाकल्प

मां आदिशक्ति की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहा है. इससे मौके पर यूपी सरकार ने देवी के मंदिरों के कायाकल्प और उनके आस पास पर्यटन और रोज़गार विकसित करने के लिए 'शक्तिपीठ सर्किट' की घोषणा की है. हालांकि, शक्तिपीठ सर्किट को अभी आकार लेना है. आपको बता दें कि इसके माध्यम से देवी के भक्तों को भविष्य में मां के दर्शन के लिए आने पर उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी. साथ ही मंदिरों के आस पास रोज़गार का भी सृजन होगा.

नई पर्यटन नीति के तहत की गई घोषणा
माता के भक्त मां के दर्शन के लिए कई बार कठिन रास्तों को पार करके आते हैं. देवी मंदिरों के आसपास अपनी जीविका चलाने वाले भी इन मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले लोगों पर ही रोज़गार की दृष्टि से आश्रित हैं. पर अब देवी मंदिरों का यूपी में कायाकल्प होने वाला है. हाल ही में, नयी पर्यटन नीति (New Tourism Policy) के तहत माता के मंदिरों के लिए शक्तिपीठ सर्किट की घोषणा की गयी है. शक्तिपीठ सर्किट के ज़रिए यूपी के प्रमुख देवी मंदिरों के आस पास के 20 किलोमीटर परिधि के क्षेत्रों को संवारने की बड़ी योजना है. 

मिलेंगी ये सभी सर्विसेज 
शक्तिपीठ सर्किट में देवी मंदिरो के आसपास 20 किलोमीटर के क्षेत्र को न सिर्फ़ संवारा जाएगा बल्कि यहां होटल, लाउंज खोलने पर उत्तर प्रदेश सरकार 25 प्रतिशत की सब्सिडी देगी. महिलाओं के नाम पर होटल, लाउंज खोलने पर और 5 प्रतिशत अधिक यानि 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी. 

दरअसल, योगी सरकार धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन पर ज़ोर दे रही है. साथ ही देवी मंदिरों को नारी शक्ति और सशक्तिकरण का प्रतीक मानते हुए महिलाओं के नाम पर अतिरिक्त छूट देकर इस संदेश को भी देना चाहती है. शक्तिपीठ सर्किट से लोगों को रोज़गार मिलेगा और पूजन सामग्री, शृंगार, प्रसाद और अन्य सामान बेचने वालों को भी लाभ होगा. 

इन मंदिरों का होगा कायाकल्प 
शक्तिपीठ सर्किट में बलरामपुर की पाटेश्वरी देवी, सहारनपुर की शाकंभरी देवी, मिर्ज़ापुर के विंध्याचल की विंध्यवासिनी देवी, प्रयागराज की अलोपी शंकरी, वाराणसी की विशालाक्षी गौरी देवी, चित्रकूट की शिवानी देवी, नैमिशारण्य की ललिता देवी, हमीरपुर की बेलहा देवी, गोरखपुर की तरकूल्हा देवी, मऊ की शीतला माता, उन्नाव की चण्डिका देवी, भदोही का सीता समाहित स्थल भी शामिल किया गया है. इन मंदिरों के महंत कहते हैं कि इससे मंदिरों में आने वालों की संख्या बढ़ेगी और देवी मां के भक्तों के लिए यह किसी सौग़ात से कम नहीं है. 

पर्यटन की दृष्टि से राम से जुड़े स्थलों के लिए रामायण सर्किट, कृष्ण से जुड़े स्थलों के लिए कृष्ण सर्किट, बुद्ध से जुड़े स्थलों के लिए बुद्ध सर्किट पहले से ही चर्चा में है. अब देवी मंदिरों के लिए शक्तिपीठ सर्किट की घोषणा से लोगों की और उम्मीदें बढ़ गई हैं. 

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