राजस्थान में आयोजित हनुमान कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भीषण गर्मी का जिक्र किया. कथा में बताया कि इतनी गर्मी के बावजूद हनुमान जी की भक्ति से मन को शीतलता मिलती है. इस दौरान समाज में आ रहे बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की. कथा में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आज के समय में लोगों को गाय पालने में शर्म आती है, जबकि कुत्ते पालने को स्टेटस सिंबल मान लिया गया है. घरों के बाहर अतिथि देवो भव की जगह कुत्तों से सावधान के बोर्ड लग गए हैं. सभी हिंदुओं से अपील की गई कि वे गौ माता की सेवा करें और यदि घर में जगह न हो तो गौशालाओं में गायों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाएं. इसके अलावा, हनुमान जी की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि उनकी कृपा पाने के लिए चित्र नहीं बल्कि चरित्र सुधारने की आवश्यकता है.