अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा और मंत्र चिकित्सा के महत्व को समझाया है. उन्होंने बताया कि दवा के साथ-साथ भगवान की कृपा और मंत्रों का जाप बीमारियों को ठीक करने में कैसे मदद करता है. सकारात्मक सोच और निरंतर ध्यान के प्रभाव को स्पष्ट करने के लिए अमेरिका में हुए एक कैदी के प्रयोग और ब्रूस ली के विचारों का उदाहरण दिया गया है, जब व्यक्ति निरंतर हनुमान जी का ध्यान करता है, तो उसमें सकारात्मकता आती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और बीमारियां दूर होती हैं. यही हनुमान चालीसा की चौपाई 'नासै रोग हरे सब पीरा' का वास्तविक अर्थ है. इसके अलावा, रामायण के उस प्रसंग का भी उल्लेख किया गया है जिसमें लक्ष्मण जी के मूर्छित होने पर हनुमान जी लंका से सुषेण वैद्य को लाते हैं. यह प्रसंग स्पष्ट करता है कि संकट के समय भगवान की शरण में जाने और सही चिकित्सा लेने से हर विपत्ति से बाहर निकला जा सकता है. देखें अच्छी बात.