अच्छी बात के इस एपिसोड में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और राजा कंस के अहंकार का विस्तार से वर्णन किया गया है. धीरेंद्र शास्त्री बताते हैं कि कैसे अपनी बहन देवकी को विदा करते समय कंस प्रेम दिखा रहा था, लेकिन आकाशवाणी सुनते ही उसका प्रेम क्रोध में बदल गया और वह स्वयं काल बन बैठा. यह प्रसंग दर्शाता है कि इंसान मृत्यु को चकमा देने की कोशिश करता है, लेकिन मौत अपने समय पर आती है. इसके साथ ही, कथा में स्वभाव और आदतों पर भी गहरी चर्चा की गई है. संत और बिच्छू के उदाहरण से समझाया गया है कि जैसे बिच्छू डंक मारने की आदत नहीं छोड़ता, वैसे ही संतों को बचाने का स्वभाव नहीं छोड़ना चाहिए. इसके अलावा, शराब की लत और बुरी आदतों पर कटाक्ष करते हुए बताया गया है कि नशा इंसान का घर और जीवन बर्बाद कर देता है. लोगों को सांसारिक नशे के बजाय ईश्वर के नाम का रस पीने की सलाह दी गई है. देखिए अच्छी बात.