अच्छी बात के इस एपिसोड में जीवन के मूल स्वभाव और जड़ों से जुड़े रहने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है. बताया गया है कि व्यक्ति को कभी भी अपनी असलियत नहीं भूलनी चाहिए. जो लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, वे हमेशा सफल होते हैं. मन के स्वभाव को समझाने के लिए एक मछली बेचने वाली और मालिन की कहानी का उदाहरण दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इंसान अपनी आदतों और परिवेश का गुलाम होता है. इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि मनुष्य ईश्वर का अंश होने के बावजूद दुखी क्यों रहता है. दुखों का सबसे बड़ा कारण सांसारिक मोह-माया और चीजों को 'मेरा' मानना है. जब तक इंसान इस 'मेरा और तेरा' के भाव में उलझा रहता है, तब तक उसे सच्ची शांति नहीं मिल सकती। ईश्वर की शरण और भक्ति ही जीवन में परम आनंद और सुगंध ला सकती है.