अच्छी बात के इस एपिसोड में पंडित धीरेंद्र शास्त्री जीवन के कड़े संघर्षों, गरीबी और इंसानी इच्छाओं के कभी खत्म न होने वाले चक्र पर विस्तार से बात की. उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे बहन की शादी के वक्त उनके पास दीवार पर नाम लिखवाने के लिए ढाई सौ रुपये भी नहीं थे. उसी दिन उन्होंने प्रण लिया था कि वे सामर्थ्यवान बनने पर गरीब बेटियों की मदद करेंगे. आज उनके आश्रम में महाशिवरात्रि पर सैकड़ों बेटियों की शादी करवाई जाती है. इसके साथ ही, इंदौर के युवाओं को नाइट कल्चर, मोबाइल और प्रेम प्रसंगों में समय बर्बाद न करने की सख्त हिदायत दी गई है. युवाओं से अपील की गई है कि वे कड़ी मेहनत करें ताकि उनके माता-पिता उन पर गर्व कर सकें. इसके अलावा, सुदामा और भगवान कृष्ण की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए यह समझाया गया है कि इंसान की भौतिक इच्छाएं जैसे मकान, एसी और गाड़ी कभी खत्म नहीं होतीं, इसलिए भगवान की भक्ति में मन लगाना चाहिए.