अच्छी बात के इस एपिसोड में बताया गया है कि जीवन में चुगलखोरों से हमेशा दूर रहना चाहिए. सबसे बड़ा धर्म माता-पिता की सेवा करना है, जो लोग घर में क्लेश करते हैं और माता-पिता को बोझ समझते हैं, उनकी मंदिर में की गई पूजा व्यर्थ है. जीवित माता-पिता का सम्मान ही सच्ची ईश्वर भक्ति है. संत एकनाथ जी का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि उन्होंने रामेश्वरम में चढ़ाने वाले गंगाजल को एक प्यासे गधे को पिला दिया था, जिसके बाद उन्हें उसी में भगवान शिव के दर्शन हुए. इसका अर्थ है कि नर में नारायण और जीव में शिव को देखना चाहिए. यह भी समझाया गया है कि जब भगवान हर जगह मौजूद हैं, तो मंदिर जाने की क्या आवश्यकता है. जैसे हवा हर जगह होने के बावजूद टायर में हवा भरने के लिए विशेष दुकान की जरूरत होती है, वैसे ही सर्वव्यापी परमात्मा से जुड़ने के लिए सच्चे गुरु और मंदिर रूपी माध्यम की आवश्यकता होती है. देखिए अच्छी बात.