बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रवचन के दौरान जीवन में सफलता और परमात्मा की प्राप्ति के गहरे सूत्र साझा किए. उन्होंने कहा कि परमात्मा कहीं बाहर नहीं बल्कि मनुष्य के भीतर ही है. शास्त्री ने रामकृष्ण परमहंस का उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस दिन ईश्वर के लिए वैसी ही तड़प होगी जैसी पानी में डूबे व्यक्ति को सांस के लिए होती है, उसी दिन उनकी प्राप्ति हो जाएगी. उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता केवल बातों से नहीं बल्कि कठिन परिश्रम (रातों से लड़कर) से मिलती है. उन्होंने 'अपने राम' का सिद्धांत बताते हुए कहा कि व्यक्ति को तन और मन के भेद को समझना चाहिए और दूसरों की प्रतिक्रियाओं से विचलित नहीं होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि दरबार में होने वाले कार्य उनकी नहीं बल्कि बालाजी महाराज की महिमा हैं, जहाँ लोग अपनी अर्जी लगाते हैं और श्रद्धा से संकटों से मुक्ति पाते हैं.