कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जीवन दर्शन और भक्ति की व्याख्या करते हुए संसार की तुलना एक सिनेमा और थिएटर से की है. उन्होंने कहा कि परमात्मा इस संसार रूपी फिल्म के डायरेक्टर और हीरो हैं, जबकि शैतान विलेन का रोल निभा रहा है. धीरेंद्र शास्त्री ने गज और ग्राह की पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए कहा, 'जो भक्त के चरण पकड़ लेता है, भगवान सबसे पहले उसका भला और उद्धार करते हैं.' उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि मनुष्य को अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी जीना चाहिए और सेवा भाव को कभी नहीं छोड़ना चाहिए. इसके साथ ही संत एकनाथ का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शिवलिंग पर जल चढ़ाना ही धर्म नहीं है, बल्कि पीड़ित जीवों की सेवा करना और हर जीव में शिव देखना ही सच्चा सनातन धर्म है.