आज के विशेष अनुष्ठान में भगवान गजानन गणेश का विधि-विधान से पूजन किया गया. इस दौरान प्रार्थनाएं की गईं और आरती संपन्न हुई. पूजन के बाद क्षमा प्रार्थना भी की गई. कार्यक्रम में बताया गया कि आज के दिन विशेष रूप से गजानन गणेश का पूजन माँ गौरी के साथ अवश्य करना चाहिए. इसके लिए "ओम गंगनपते नमः" जैसे छोटे मंत्र का जाप किया जा सकता है. यदि कोई जानकार है तो "ओम एकदंताय विद महे तन्नो दन्ती प्रचोदया" मंत्र का जाप कर सकता है. यदि किसी को कोई मंत्र नहीं आता है, तो वह गणपत्य अथर्वशीर्ष को सुनकर भी पूजन कर सकता है. इस प्रकार भगवान गणेश का श्योर प्रचार से पूजन किया गया और आरती के बाद क्षमा प्रार्थना की गई. यह पूजन भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया.