बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में मंदिर दर्शन के दस महत्वपूर्ण नियम बताए। उन्होंने कहा कि 'भगवान के दरबार में भी VIP प्रोटोकॉल चाहते हैं लोग' और बद्रीनाथ मंदिर की घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि एक महिला ने कहा था 'जब बागेश्वर बाबा आगे बैठ सकता है तो मैंने भी पैसा दिया, मैं आगे बैठूंगी।' शास्त्री जी ने समझाया कि मंदिर दर्शन में विनम्रता पहला नियम है। उन्होंने केदारनाथ और उत्तराखंड के तीर्थों के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मंदिर में मर्यादित भारतीय वेशभूषा पहननी चाहिए, स्नान-ध्यान-दान करना चाहिए, और गुरु मंत्र का जाप करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान को जो प्रसाद चढ़ाएं वह घर में खुद प्रयोग करने योग्य हो, और सस्ती या खराब सामग्री नहीं चढ़ानी चाहिए। शास्त्री जी ने जोर देकर कहा कि भगवान भाव के भूखे हैं, पदार्थ के नहीं।