अमेरिका की बायोटेक कंपनी Colossal Biosciences ने एक नया वैज्ञानिक कदम उठाया है. कंपनी ने एक ऐसा कृत्रिम बर्ड एम्ब्रियो इनक्यूबेटर बनाया है जो भविष्य में विलुप्त हो चुके बड़े पक्षी 'जाइंट मोआ' के बच्चे तैयार करने में मदद कर सकता है. कंपनी का लक्ष्य है कि तकनीक की मदद से कई हजार साल पहले खत्म हो चुकी प्रजातियों को फिर से जीवित किया जाए.
क्या है यह नई मशीन
यह इनक्यूबेटर एक तरह का खास उपकरण है जो अंडे जैसी स्थिति बनाता है. इसमें गर्मी, नमी और ऑक्सीजन को ठीक वैसे ही नियंत्रित किया जाता है जैसे प्राकृतिक अंडे के अंदर होता है. इससे पक्षी का बच्चा सुरक्षित रूप से विकसित हो सकता है. शुरुआत में इस तकनीक को साधारण मुर्गियों पर टेस्ट किया गया ताकि इसे आसानी से समझा और बेहतर बनाया जा सके.
जाइंट मोआ को क्यों चुना गया
जाइंट मोआ न्यूजीलैंड का एक बहुत बड़ा पक्षी था, जो लगभग 10 फीट तक ऊंचा होता था. यह उड़ नहीं सकता था और बहुत पहले इंसानों द्वारा शिकार के कारण खत्म हो गया. इसके अंडे भी बहुत बड़े होते थे, जो आज के किसी भी पक्षी से बड़े थे. अब वैज्ञानिक ऐसी तकनीक बना रहे हैं जिससे इस विशाल पक्षी के भ्रूण को सुरक्षित रूप से विकसित किया जा सके. कंपनी के CEO Ben Lamm का कहना है कि यह काम सिर्फ विज्ञान नहीं बल्कि एक बड़ी तकनीकी चुनौती भी है.
वहीं वैज्ञानिक George Church का कहना है कि किसी भी भ्रूण को बढ़ने के लिए वही वातावरण चाहिए जो प्राकृतिक अंडे में होता है. इसलिए यह नई मशीन उस वातावरण की पूरी नकल करती है. उनका मानना है कि यह तकनीक भविष्य में कई तरह की प्रजातियों के लिए काम आ सकती है.
अन्य जानवरों पर भी काम
कंपनी सिर्फ मोआ पर ही काम नहीं कर रही है. वह डोडो पक्षी, वूल्ली मैमथ और तस्मानिया टाइगर जैसे कई विलुप्त जानवरों को वापस लाने की कोशिश कर रही है. इसके अलावा यह कुछ ऐसे जानवरों को बचाने में भी मदद कर रही है जो अभी खत्म होने के खतरे में हैं, जैसे सफेद गैंडा और रेड वुल्फ. Peter Jackson, Tom Brady और George R.R. Martin जैसे बड़े नामों ने इस कंपनी में निवेश किया है. कंपनी को अब तक बहुत बड़ी फंडिंग मिली है, जिससे यह अपने रिसर्च को आगे बढ़ा रही है.
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