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साल 2047 तक इस जानलेवा बीमारी को खत्म करने का रखा है लक्ष्य, बजट में सिकल सेल एनीमिया से जुड़ी योजना की घोषणा

Budget 2023: स्वास्थ्य केंद्रीय बजट 2023 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा की है. बड़ी घोषणाओं में 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने का लक्ष्य रखा है.

सिकल सेल एनीमिया
अपूर्वा सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 4:53 PM IST
  • सिकल सेल एनीमिया खत्म करने की योजना
  • भारत ने 2047 तक इस बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है

महिलाओं में खून की कमी से जुड़ी बीमारियां काफी आम है. हालांकि, आगे चलकर ये जानलेवा भी हो सकती है. फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक, 2015 से 2016 के बीच 58.4% बच्चे और 53% महिलाएं सिकल सेल एनीमिया की बीमारी की शिकार थीं. सरकारी आंकड़ों की मानें तो 3% जनजातीय आबादी सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित है, और दूसरे 23% लोग ऐसे हैं जिनमें ये जीन रोग फैल सकते हैं. सावधानी बरतने के बाद भी हर साल इससे जुड़े कई मामले सामने आते हैं. लेकिन अब इसे रोकने के लिए सरकार काम शुरू कर रही है. भारत ने 2047 तक इस बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है.

सिकल सेल एनीमिया खत्म करने की योजना

स्वास्थ्य केंद्रीय बजट 2023 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा की है. बड़ी घोषणाओं में 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने का लक्ष्य रखा है. पोलियो के बाद, इस बीमारी ने अपनी ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है. ये जल्द से जल्द खत्म हो सके इसके लिए योजना बनाई जा रही है. बता दें, ये बीमारी भारत में 1970 के दशक से तेजी से बढ़ी है. साथ की इससे जुड़े मामलों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को केंद्रीय बजट में घोषणा की, "2047 तक सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के लिए एक मिशन शुरू किया जाएगा. इसमें लोगों के बीच इस बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी. जिसके लिए 1 से 40 साल की उम्र तक के सात करोड़ लोगों की जांच की जाएगी.”

सिकल सेल रोग कैसे होता है?

सिकल सेल एनीमिया एक खून से जुड़ी बीमारी है. ये असामान्य हीमोग्लोबिन (रेड ब्लड सेल के अंदर ऑक्सीजन ले जाने वाले प्रोटीन) के कारण होने वाली बीमारी होती है. असामान्य हीमोग्लोबिन के वजह से शरीर की रेड ब्लड सेल सिकल के शेप की हो जाती हैं. इससे नुकसान ये होता है कि ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता और खून के सर्कुलेशन की मात्रा कम हो जाती है. इससे कई सारी बीमारियां हो जाती हैं. क्योंकि शरीर में खून ठीक से प्रवाह नहीं हो पाता है. इतना ही नहीं बल्कि शरीर में खून बनना भी बंद हो जाता है. जिससे आगे चलकर शरीर में खून की गंभीर कमी हो जाती है, जिससे और भी कई समस्याएं हो जाती हैं.

सिकल सेल एनीमिया के लक्षण क्या हैं?

-जो बच्चे सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित होताे हैं उनमें जन्म से ही कई बीमारियां होने लगती हैं. 

-इस बीमारी में हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होना शुरू हो जाता है.

-शरीर में सूजन हो सकती है.

-बार-बार इन्फेक्शन होता है.

-नजर कमजोर हो जाती है. 

-खून बनना बंद हो जाता है तो बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है.

क्या इसका इलाज किया जा सकता है?

दरअसल, सिकल सेल एनीमिया का इलाज ब्लड टेस्ट से किया जा सकता है. हालांकि इस बीमारी का कोई पूर्ण इलाज संभव नहीं है. सिकल सेल रोग के लिए स्टेम सेल या बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही इलाज है. कुछ दवाइयों से भी इस बीमारी के लक्षणों को कम किया जा सकता है.


 

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