Advertisement

Chandrayaan-3: भारत ने रचा इतिहास, चांद पर विक्रम लैंडर की हुई लैंडिंग, पीएम मोदी ने दी बधाई

भारत के तीसरे मून मिशन चंद्रयान 3 की शाम करीब 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग हुई. विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर एक लूनर डे तक चांद पर रहेंगे. इसका मतलब है कि 14 दिनों तक प्रज्ञान रोवर रिसर्च करेगा.

Chandrayaan-3
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 6:15 PM IST

भारत ने इतिहास रच दिया है. इसरो का चंद्रयान 3 मिशन सफल रहा. चंद्रयान 3 के विक्रम लैंडर ने सॉफ्ट लैंडिंग की. विक्रम की लैंडिग शामद 6 बजकर 4 मिनट पर हुई. विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर एक लूनर डे तक चांद पर रहेंगे. इसका मतलब है कि 14 दिनों तक प्रज्ञान रोवर रिसर्च करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर वैज्ञानिकों को बधाई दी.

चंद्रयान-3 का बजट-
ISRO की ओर से दी गई जानकारी को मानें तो चंद्रयान-3 पर आया खर्चा इससे पहले के मिशन पर हुए खर्चे से भी 363 करोड़ रुपए कम है. यानी चंद्रयान-3 पर आई लागत चंद्रयान-2 से काफी कम बैठी है. 
चंद्रयान-3 मिशन 14 जुलाई 2023 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुआ था. इसरो के पूर्व चेयरमैन के सिवन के मुताबिक इस मिशन का जो अप्रूव्ड कॉस्ट है वो लगभग 250 करोड़ है. इसमें लॉन्च व्हीकल की लागत शामिल नहीं है, लेकिन लैंड रोवर और प्रोपल्शन मॉड्यूल की लागत शामिल है. इसके अलावा, लॉन्च सर्विस की लागत 365 करोड़ थी, ऐसे में पूरे मिशन की लागत 615 करोड़ या लगभग 75 मिलियन डॉलर के आसपास है. 

यहां देखा गया चंद्रयान की लैंडिंग-
तीसरे चंद्र मिशन की साफ्ट लैंडिंग को लाइव दिखाया गया है. इसरो की वेबसाइट, यूट्यूब चैनल पर इसे लाइव देखा गया.

• इसरो वेबसाइट: यहां क्लिक करें या खोजें- https://www.isro.gov.in/LIVE_telecast_of_Soft_landing.html

• इसरो आधिकारिक यूट्यूब चैनल: यहां क्लिक करें या खोजें- https://youtube.com/watch?v=DLA_64yz8Ss

• इसरो का आधिकारिक फेसबुक चैनल: यहां क्लिक करें या खोजें- https://facebook.com/ISRO

डीडी नेशनल

भारत ने इतिहास रच दिया है. विक्रम लैंडर की सफलतापूर्वक लैंडिंग हुई है. भारत संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के साथ चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया है.

चंद्रयान का सफरनामा
6 जुलाई को इसरो ने चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग की तारीख का एलान किया. 14 जुलाई को दोपहर 2.35 पर चंद्रयान ने चंद्रमा की ओर उड़ान भरी. 20 अगस्त को चंद्रयान ने अपना अंतिम डीबूस्ट ऑपरेशन पूरा किया. 23 अगस्त मिशन शाम को चांद की सतह पर उतरेगा. इसमें एक स्वदेशी लैंडर मॉड्यूल (एलएम), प्रोपल्शन मॉड्यूल (पीएम) और एक रोवर (प्रज्ञान) शामिल है.चंद्रमा के साउथ पोल में चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर को लैंड कराया.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement