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एंटरटेनमेंट ही नहीं म्यूजिक थेरेपी से एनीमिया और खून से जुड़ी बीमारियों में भी मिलता है आराम: स्टडी

भारत में करोड़ों लोग रोज इस बीमारी का सामना करते हैं. दुनिया में ये तीसरा ऐसा देश है जहां इस बीमारी के सबसे ज्यादा मरीज पाए जाते हैं. एससीडी वाले कई रोगियों को गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिनमें एनीमिया, स्ट्रोक, ऑर्गन डैमेज, और अलग-अलग तरह के असहनीय दर्द शामिल हैं. मरीज को कभी-कभार अपने दैनिक जीवन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे वे डीप्रेशन के तरफ भी जा सकते हैं. 

Music Therapy
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 11:27 AM IST
  • भारत में करोड़ों लोग रोज इस बीमारी का सामना करते हैं
  • पिछले 10 सालों में हजारों लोगों को दी गई है थेरेपी

एंटरटेनमेंट से इतर म्यूजिक को एक थेरेपी के रूप में भी देखा जाता है. मन की शांति के लिए भी कभी-कभी म्यूजिक का सहारा लिया जाता है. अब इसी कड़ी में एक रिसर्च में सामने आया है कि इससे सिकेल सेल बीमारी वाले मरीजों को भी आराम मिलता है. यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स (UH) कॉनर होल हेल्थ के रिसर्च में सिकल सेल डिजीज (SCD) के मरीजों को इस स्टडी में शामिल किया गया. इन सभी ने म्यूजिक थेरेपी (Music Therapy) में भाग लिया था, जिसके बाद इन्होंने पाया कि इससे होने वाले दर्द से लड़ने में उन्हें मदद मिली है. ये रिसर्च जर्नल ऑफ पेन रिसर्च में पब्लिश की गई थी. 

आपको बताते चलें, सिकल सेल डिजीज वो बीमारी में जो खून में मौजूद हीमोग्लोबिन को प्रभावित करती है. इससे शरीर में बनने वाले रेड ब्लड सेल में कमी आती है. जिसकी वजह से शरीर में ऑक्सीजन की कमी जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है.

क्या होती है सिकल सेल डिजीज?

एससीडी वाले व्यक्ति में, रेड ब्लड सेल अपनी नॉर्मल शेप से अलग बन जाती है. जिसकी वजह से शरीर में ब्लड के सर्कुलेशन में दिक्कत आती है. एससीडी वाले कई रोगियों को गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिनमें एनीमिया, स्ट्रोक, ऑर्गन डैमेज, और अलग-अलग तरह के असहनीय दर्द शामिल हैं. मरीज को कभी-कभार अपने दैनिक जीवन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे वे डीप्रेशन के तरफ भी जा सकते हैं. 

भारत में करोड़ों लोग रोज इस बीमारी का सामना करते हैं. दुनिया में ये तीसरा ऐसा देश है जहां इस बीमारी के सबसे ज्यादा मरीज पाए जाते हैं.

पिछले 10 सालों में हजारों लोगों को दी गई है थेरेपी

गौरतलब है कि पिछले 10 सालों में कॉनर होल हेल्थ ने हजारों लोगों को म्यूजिक थेरेपी दी है, जिससे लोगों को दर्द में आराम मिला है. अमेरिका में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स सबसे बड़ा म्यूजिक थेरेपी प्रोग्राम चलाता है. यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के म्यूजिक थेरेपिस्ट सेमुएल रॉजर कहते हैं कि हमारा यहां सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ट्रीटमेंट म्यूजिक थेरेपी ही है. दर्द को कम करने के लिए हम इसका इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. 

क्या है ये प्रोग्राम?

एससीडी वाले इस प्रोग्राम में मरीज म्यूजिक बेस्ड ब्रीथिंग, प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन, इमेजरी और एक्टिव म्यूजिक मेकिंग जैसे सेशन का सहारा लिया जाता है. रिसर्च में कुछ लोगों को म्यूजिक थेरेपी दी गई और कुछ को वेटलिस्ट में रखा गया. जिसके बाद सामने आया कि जिन लोगों को म्यूजिक थेरेपी दी गई थी उन्हें जल्द आराम मिला है, और उन्हें अपने दैनिक जीवन में इससे होने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा है. 

म्यूजिक थेरेपी लेने वाले मरीज टेलर कहते हैं, “मेरा दर्द लेवल 10 पर था, लेकिन जब से मैंने इस थेरेपी को लेना शुरू किया है ये घटकर 4-5 पर चला गया है. म्यूजिक से मुझे दर्द को झेलना और कम करने में मदद मिली है. इससे मुझे एंग्जायटी और डिप्रेशन से लड़ने में भी काफी मदद मिली है.”

 

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