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मेडिकल साइंस की दुनिया में बड़ी उपलब्धि, जोधपुर AIIMS में हुई फूड पाइप की रोबोटिक सर्जरी

देश हर दिन तकनीक के मामले में तरक्की कर रहा है. हर एक क्षेत्र में चीजों को बेहतर करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. खासकर कि चिकित्सा के क्षेत्र में. हाल ही में, भारत ने मेडिकल साइंस के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राजस्थान के जोधपुर AIIMS में एक मरीज की आहार नली (फूड पाइप) की रोबोटिक सर्जरी की गई है. 

सर्जरी की एक तस्वीर
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 10 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:45 PM IST
  • जोधपुर AIIMS में हुई रोबोटिक सर्जरी
  • मरीज के फूड पाइप की हुई रोबोटिक सर्जरी

देश हर दिन तकनीक के मामले में तरक्की कर रहा है. हर एक क्षेत्र में चीजों को बेहतर करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. खासकर कि चिकित्सा के क्षेत्र में. हाल ही में, भारत ने मेडिकल साइंस के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राजस्थान के जोधपुर AIIMS में एक मरीज की आहार नली (फूड पाइप) की रोबोटिक सर्जरी की गई है. 

जोधपुर AIIMS में हुई रोबोटिक सर्जरी:

बताया जा रहा है कि श्रीगंगानगर के एक युवक ने 9 महीने पहले तेजाब पी लिया था. जिसके कारण उसकी आहार नली सिकुड़ गई थी. इस युवक का उपचार जोधपुर AIIMS अस्पताल में डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी से किया है. जोधपुर एम्स के निदेशक डॉक्टर संजीव मिश्रा ने बताया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से रोबोट द्वारा आइवर लुइस तकनीक से किया गया है. 

इस सर्जरी में महज 8 मिलीमीटर का चीरा लगाकर ऑपरेशन किया गया. और आहार नली की सिकुड़न दूर की गई. एम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ एम के गर्ग ने बताया कि युवक लंबे समय से मुंह से कुछ आहार नहीं ले पा रहा था. उसके पेट में एक नली लगाकर उसे लगातार आहार दिया जा रहा था. 

सर्जरी के बाद स्वस्थ है मरीज:

हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में इस तरह के ऑपरेशन करने के लिए लंबे चीरे लगाने पड़ते हैं. लेकिन डॉक्टरों ने यह तय किया कि रोबोटिक सर्जरी से ही ऑपरेशन किया जाए और इसके लिए डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई. जिन्होंने रोबोट के माध्यम से इस ऑपरेशन को सफलता पूर्वक किया.

डॉ वैभव के अनुसार गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में पेट से जुड़ी जटिल बीमारियों के उपचार लगातार किए जा रहे हैं. इस रोबोटिक सर्जरी में छोटा चीरा लगने से मरीज जल्दी रिकवर करने लगता है. जबकि सामान्य तरीके से सर्जरी करने में इन चीरों की लंबाई बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. जिससे मरीज को रिकवरी में काफी समय लगता है. 

इस ऑपरेशन के बाद युवक को चौथे दिन मुंह से आहार देना शुरू कर दिया और उसके बाद मरीज को घर भेज दिया गया है. कहा जा रहा है कि अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है. 

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