अब AI वाला स्मार्ट कॉलर बताएगा पालतू जानवरों की मन की बात! नई तकनीक ने दुनिया को किया हैरान

चीन की एक स्टार्टअप कंपनी ने ऐसा AI कॉलर लॉन्च किया है, जो जानवरों की आवाज को इंसानी भाषा में बदलने का दावा कर रहा है. इस नई तकनीक ने दुनियाभर में लोगों का ध्यान खींच लिया है. तो चलिए आपको बताते हैं इस खास तकनीक के बारे में.

The world's first real-time pet translator Pre-order
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

क्या आपने कभी सोचा है कि आपका पालतू कुत्ता भौंककर क्या कहना चाहता है, वो आपको पता चल जाए? कई बार लोगों को लगता है कि काश वे अपने pet के मन की बात जान सकते. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो हम आपको बता दें कि, अब आपका ये सपना सच हो सकता है. जी हां, चीन की एक स्टार्टअप कंपनी ने ऐसा AI कॉलर लॉन्च किया है, जो जानवरों की आवाज को इंसानी भाषा में बदलने का दावा कर रहा है. इस नई तकनीक ने दुनियाभर में लोगों का ध्यान खींच लिया है. तो चलिए आपको बताते हैं इस खास तकनीक के बारे में.

चीनी स्टार्टअप Meng Xiaoyi ने PettiChat नाम का एक स्मार्ट डिवाइस लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि यह डिवाइस पालतू जानवरों की आवाज, भावनाओं और व्यवहार को समझकर इंसानी भाषा में अनुवाद कर सकता है. कंपनी के मुताबिक इसकी रियल टाइम ट्रांसलेशन एक्यूरेसी करीब 95 प्रतिशत तक है. यह डिवाइस सामान्य कॉलर में आसानी से लगाया जा सकता है और महज 1.2 सेकंड में अनुवाद करने का दावा करता है. कंपनी का कहना है कि AI मॉडल को लाखों पेट वॉयस डेटा के आधार पर तैयार किया गया है. इतना ही नहीं, यह डिवाइस इंसानों की बातों को भी जानवरों के समझने लायक संकेतों में बदलने का दावा करता है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने बनाया मजाक
हालांकि, इस तकनीक को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई है. कई लोगों ने इसकी सटीकता पर सवाल उठाए हैं. कुछ यूजर्स का कहना है कि कंपनी ने अब तक कोई वैज्ञानिक डेटा सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे इसके दावों की पुष्टि हो सके.

कीमत और फीचर्स
PettiChat फिलहाल लगभग 114 पाउंड यानी करीब 13 हजार रुपये में उपलब्ध है. इसके साथ एक ऐप सब्सक्रिप्शन भी लेना होगा. कंपनी के अनुसार यह डिवाइस वॉटरप्रूफ है और जरूरत न होने पर इसे बंद भी किया जा सकता है. इसके अलावा यह पालतू जानवर की लोकेशन ट्रैक करने और दूर जाने पर अलर्ट भेजने की सुविधा भी देता है. कंपनी का कहना है कि यह तकनीक इंसान और जानवर के रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए बनाई गई है.

अब डॉल्फिन की भाषा समझने की तैयारी
AI की मदद से जानवरों की भाषा समझने की कोशिश सिर्फ कुत्तों तक सीमित नहीं है. Google DeepMind ने भी DolphinGemma नाम का AI मॉडल तैयार किया है, जो डॉल्फिन की आवाजों और संकेतों को समझने पर काम कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इंसान और जानवरों के बीच संवाद की दुनिया पूरी तरह बदल सकती है.
 

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