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वैज्ञानिकों का कमाल! चीटियों की तरह जगह के हिसाब से पैरों को एडजस्ट कर सकता है ये Robot

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रोबोट बनाया है, जो चींटियों की तरफ बर्ताव करता है. ये रोबोट जगह के मुताबिक खुद के पैरों को सिकुड़ लेता है. ये रोबोट 30 सेंटीमीटर चौड़ा और 20 सेंटीमीर लंबा है. इसमें 4 पैर है.

वैज्ञानिकों ने संकरी जगहों पर खुद के पैरों को एडजस्ट करने वाला रोबोट बनाया है
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 1:14 PM IST

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रोबोट बनाने का दावा किया है, जो जरूरत के हिसाब से खुद के पैरों के सिकुड़ और फैला सकता है. ये रोबोट चींटियों की तरह है, जो कम जगह में अपने पैरों को सिकुड़कर रास्ता बना लेती है, ठीक उसी तरह ये रोबोट भी अपना रास्ता बना लेगा.

पैरों को सिकोड़ लेते हैं रोबोट-
एडवांस्ड इंटेलिजेंट सिस्टम्स की 20 जनवरी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिसर्चर्स ने बताया कि ये रोबोट उन रास्तों पर बेहतर तरीके से जाने में सक्षम था, जो संकरे और छोटे थे. ये रोबोट सीढ़ियों पर भी चढ़ सकता है. ढलान वाली चट्ठानों और गीली घासों पर भी चल सकता है.
रोबोटिक्स इंजीनियर फेफेई क्यूआन का कहना है कि इस तरह के रोबोट की सबसे बड़ी चुनौती उसकी सामान्यता और अनुकूलता है. हालांकि इस रिसर्च में ये रोबोटिक्स इंजीनियर शामिल नहीं थे. कुछ रोबोट के पास विशेष जगहों पर जाने के लिए विशेष पैर होते हैं, लेकिन ये छोटी जगहों पर नहीं जा सकते. लॉस एंजिल्स के साउथ कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के क्यूआन कहते हैं कि एक डिजाइन किए रोबोट के लिए अलग-अलग माहौल में अनुकूल होना चुनौतीपूर्ण है. अभी दूसरे माहौल में इसके असर पर विचार की जरूरत है.

रोबोट में क्या है खास-
निक ग्रेविश ने अपनी टीम के साथ मिलकर एक छोटा सा रोबोट बनाया, जो 30 सेंटीमीटर चौड़ा और 20 सेंटीमीटर लंबा है. इसमें चार पैर भी हैं. हर पैर में नेस्टेड केंद्रित ट्यूब हैं. रोबोट के पैर जरूरत के मुताबिक खुद-ब-खुद सिकुड़ या फैल सकते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि सेंसिंग और कंप्यूटरिंग कंपोनेंट को हटाने से रोबोट छोटे, सस्ते और कम बिजली इस्तेमाल करने वाले बन सकते हैं. दूसरे रोबोट की तुलना में ये रोबोट खुद को चौड़ा और ऊंचा कर सकता है. ये रोबोट खुद को चौड़ाई में 72 फीसदी और ऊंचाई में 68 फीसदी छोटा कर सकता है.

वैज्ञानिकों ने चींटियों से ली प्रेरणा-
चींटियां छोटी जगहों पर रेंगने के लिए खुद को उसमें ढाल लेती है. वे असामान जगहों और बाधाओं से परेशान नहीं होते हैं. उदाहरण के लिए जब वे किसी ऑब्जेक्ट से टकराती हैं तो उनके पैर में थोड़ी दिक्कत होती है, लेकिन इसके बावजूद वो तेजी से आगे बढ़ती रहती हैं. वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च के लिए चींटियां से प्रेरणा ली. सैन डिएगो के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के रोबोटिस्ट निक ग्रेविश का कहना है कि रोबोट सिस्टम को डिजाइन करने के लिए कीट प्रेरणा हैं, जो कम सक्रिय होते हैं और लेकिन लोकोमेशन विहैवियर को प्रदर्शित कर सकते हैं.

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