देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में वंदे भारत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 40 गुणा 40 इंच की विशाल राखी अर्पित की गई. इसके अलावा काशी विश्वनाथ, बांके बिहारी और उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में रक्षा सूत्र बांधे गए. सावन के अंतिम दिन बाबा महाकाल की भस्म आरती के बाद सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया. जम्मू-कश्मीर में 57 दिनों तक चली पवित्र अमरनाथ यात्रा छड़ी मुबारक की अंतिम पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुई, जिसमें 4 लाख 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. कानपुर में जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने एक जरूरतमंद बच्ची से राखी बंधवाकर उसकी पढ़ाई और साइकिल के लिए व्यक्तिगत सहायता प्रदान की. राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में शहीद की प्रतिमा को राखी बांधी गई, जबकि जमशेदपुर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधा गया. अकोला में इको फ्रेंडली गणपति प्रतिमाओं की मांग और गया में पुलिस दीदी योजना की शुरुआत भी की गई.