भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। तमिलनाडु के कल्पक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने 'Criticality' का महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसका अर्थ है कि अब रिएक्टर स्वयं न्यूट्रॉन पैदा करने और बिजली बनाने में सक्षम हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दो साल पहले किए गए दावे के हकीकत बनने के साथ ही भारत ऐसी स्वदेशी तकनीक वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया है। यह रिएक्टर यूरेनियम और प्लूटोनियम के मिश्रण से चलता है और अपनी खपत से अधिक ईंधन पैदा कर सकता है। इसके अलावा, बुलेटिन में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के लिए 17 अप्रैल से शुरू होने वाले ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन और हिमाचल प्रदेश के मनाली में हुई ताजा बर्फबारी का भी विवरण दिया गया है। साथ ही, देहरादून में अपने बेटे के लिए इंसाफ की जंग लड़ रही एक मां ललिता चौधरी के संघर्ष की कहानी भी दिखाई गई है, जिन्होंने खुद सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी डंपर की पहचान की।