जगन्नाथ रथयात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है. पुरी में श्रीमंदिर के बाहर रथों पर विराजमान महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के लिए विशेष अधर पाना अनुष्ठान आयोजित किया गया. मिट्टी के नौ विशाल पात्रों में दूध, चीनी, केला, जायफल जैसी नौ सामग्रियों से बने मीठे पेय को भगवान के अधरों तक अर्पित करने के बाद पात्रों को रथों पर ही तोड़ दिया गया. मान्यता है कि इससे रथयात्रा के दौरान साथ आईं अदृश्य शक्तियों को मोक्ष और भोग प्राप्त होता है. सोमवार को नीलाद्री बीजे की रस्म के बाद भगवान गर्भगृह में प्रवेश करेंगे. उधर, सावन से पहले बाजारों में रौनक बढ़ गई है. सहारनपुर के होजरी उद्योग में भगवा व महाकाल टी-शर्ट की भारी मांग है, वहीं उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का समय बदल दिया गया है. इसके अलावा, कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. वहीं ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऋषिकंत सिंह ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता.