सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ शेयर किए जा रहे दो अलग-अलग वीडियो की पड़ताल की गई है. पहले दावे में बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर के एक पुराने बयान को बिहार के जमुई छेड़खानी कांड से जोड़कर वायरल किया जा रहा था, जिसमें वह खुद को सुरक्षित बता रही हैं. जांच में सामने आया कि यह बयान अप्रैल 2026 में पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के बयान पर दी गई प्रतिक्रिया का हिस्सा था. दूसरे दावे में कर्नाटक में गणपति विसर्जन रोकने के लिए नदी किनारे लगी जालियों को तोड़ने का दावा किया गया. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो कर्नाटक का नहीं, बल्कि हैदराबाद के टैंक बंड का है, जहां भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति के सदस्यों ने हुसैन सागर में मूर्तियों के विसर्जन पर लगी रोक के विरोध में लगाए गए अस्थायी बैरिकेड हटा दिए थे.