सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो के दावों की फैक्ट चेक में पड़ताल की गई. पहले वीडियो को स्वतंत्र भारद्वाज की जेल से बाहर आने के बाद का बताकर शेयर किया गया, लेकिन जांच में वीडियो पुराना निकला. वहीं दूसरे वीडियो को भारत में धर्म विशेष के व्यक्ति पर हमले का बताकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जबकि यह घटना बांग्लादेश के ढाका की सामने आई. दोनों वायरल दावे जांच में भ्रामक और झूठे साबित हुए.