सोशल मीडिया पर पीएम मोदी और राहुल गांधी की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बजट सत्र 2026 के दौरान दोनों संसद में आमने-सामने आ गए. हालांकि, फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह से झूठा पाया गया है. जांच के दौरान एआई डिटेक्शन टूल्स ने पुष्टि की है कि यह तस्वीर 99 प्रतिशत से अधिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा निर्मित है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद रवि किशन का एक पुराना वीडियो भी गलत संदर्भ में वायरल हो रहा है. दावे के अनुसार वे यूजीसी के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं, जबकि असल में यह वीडियो सितंबर 2025 का है जब वे गोरखपुर में जीएसटी दरों में कटौती के बाद व्यापारियों से संवाद कर रहे थे. दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें.