सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो अलग-अलग वीडियो की पड़ताल की गई है. पहले मामले में दावा किया गया कि एक संकरे रास्ते पर पानी के तेज बहाव से बचकर भागते लोगों का दृश्य नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ का है. जांच में सामने आया कि यह वीडियो नेपाल का नहीं बल्कि यमन के याफा इलाके का है, जो अगस्त माह में हुई बारिश का पुराना वीडियो है. दूसरे मामले में दावा किया गया कि एक शिक्षक ने कोकरो जनता पार्टी के सदस्य को स्कूल में घुसने से रोका. पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो 9 जुलाई का है और बिहार के नालंदा जिले के इस्लामपुर स्थित राजकीय उच्च विद्यालय का है. वीडियो में दिख रहा शख्स स्थानीय पत्रकार है जिसका कोकरो जनता पार्टी या उसके 15 अगस्त से शुरू हुए अभियान से कोई संबंध नहीं है.