सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख मामलों की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की. पहले मामले में पटना-बक्सर और मुंबई-गोवा हाईवे की मरम्मत को लेकर टांके लगाने और एम-सील से चिपकाने का दावा किया गया था. जांच में सामने आया कि पटना-बक्सर हाईवे पर कंक्रीट की दरारें भरने के लिए मानक इंजीनियरिंग तकनीक 'स्टिचिंग' का इस्तेमाल हो रहा था, जबकि मुंबई-गोवा हाईवे पर दरारों की निगरानी के लिए टेलटेल क्रैक गेज उपकरण लगाए जा रहे थे. दूसरे मामले में नेपाल में आई बाढ़ के दौरान 41 युवकों द्वारा इस्लाम अपनाने का दावा वायरल हुआ था। पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक निकला। जांच में सामने आया कि यह वीडियो अप्रैल 2024 का है और सऊदी अरब के रियाद स्थित एक मस्जिद का है, जिसका नेपाल की बाढ़ से कोई संबंध नहीं है.