सोशल मीडिया पर दो वायरल दावों की सच्चाई सामने आई है। पहले वीडियो में दावा किया गया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारी भीड़ जुटी। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 31 जनवरी 2024 को ईवीएम के विरोध में आयोजित प्रदर्शन का है, जिसमें प्रदर्शनकारी सर्दियों के कपड़े पहने नजर आ रहे हैं। दूसरे वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश में एक दलित शिक्षिका पर जय श्री राम के नारे लगाकर अंडे फेंके गए। जांच में यह दावा भी भ्रामक निकला। पीड़ित महिला उत्तर प्रदेश की शिक्षिका नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले की माटीगाड़ा ग्राम पंचायत की उप-प्रधान रेखा मलिक हैं। उन पर राजनीतिक विवाद के चलते ग्राम पंचायत कार्यालय में अंडे फेंके गए थे। दोनों ही मामलों में सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ के साथ वीडियो फैलाए गए।