सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो प्रमुख दावों की पड़ताल में सच सामने आया है। पहले दावे में दावा किया जा रहा था कि इंदौर में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में भारी जनसैलाब उमड़ा। जांच में पाया गया कि वायरल वीडियो असल में 9 अगस्त को इंदौर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर निकाली गई रैली का है, जिसे गलत संदर्भ में जोड़ा गया। दूसरे मामले में यह दावा किया गया कि सहारनपुर में मस्जिद तोड़े जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने योगी सरकार को फटकार लगाई और अधिकारियों को जेल भेजने की बात कही। पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो 2022 का है, जिसमें पटना हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप कुमार बिहार में एक मकान तोड़े जाने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे थे। दोनों ही वायरल वीडियो भ्रामक दावों के साथ साझा किए जा रहे थे।