सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में दावा किया गया कि महिला आरक्षण बिल के विरोध में कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सैनिटरी पैड फाड़े। गुड न्यूज़ टुडे की फ़ैक्ट चेक टीम की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ। असल में यह वीडियो अक्टूबर दो हज़ार तेईस का है, जब पाकिस्तान के पेशावर में फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान इसराइल का झंडा फाड़ा गया था। वहीं दूसरे वायरल वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर कालिख पोतने का विरोध कर रही महिलाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जांच में सामने आया कि यह वीडियो हालिया घटना का नहीं बल्कि नवंबर दो हज़ार बाईस का है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि पुराने वीडियो को भ्रामक तरीके से साझा किया जा रहा है। हाल ही में अंबेडकर नगर के नसीरपुर गांव में मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद जरूर हुआ था, लेकिन वहां पुलिस द्वारा कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया।