उज्जैन के महाकाल मंदिर में शिव नवरात्रि महोत्सव के तीसरे दिन बाबा महाकाल का शेषनाग स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया. भक्तों की मान्यता है कि इस स्वरूप के दर्शन से कालसर्प दोष दूर होता है. वहीं, अयोध्या में माता सीता के जीवन पर आधारित अत्याधुनिक 'वैदेही आर्ट गैलरी' के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 1200 वर्ग मीटर में डिजिटल अनुभवों से लैस होगी. अयोध्या में ही राष्ट्रहित के संकल्प के साथ भव्य अश्वमेध यज्ञ का शुभारंभ हुआ, जिसमें थाईलैंड और श्रीलंका से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं. इसके अतिरिक्त, मथुरा से काशी विश्वनाथ धाम के लिए विशेष 'लड्डू गोपाल' प्रसाद रवाना किया गया है, जो महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जाएगा.