इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि केतु को ज्योतिष में एक छाया ग्रह माना जाता है. इसकी परिकल्पना सूर्य और चन्द्रमा के आपसी संबंधों से की गई है. सामान्यतः अकेले होने पर इसका स्वभाव मंगल की तरह माना जाता है. इसका गुण यह है कि जिस भी ग्रह के साथ बैठता है उसकी शक्तियों में वृद्धि कर देता है.