इस वीडियो में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि माँ शीतला के स्वरुप से क्या प्रदर्शित होता है. कलश , सूप , झाड़ू और नीम के पत्ते इनके हाथ में रहते हैं. यह सारी चीज़ें साफ़ सफाई और समृद्धि की सूचक है. इनको शीतल और बासी खाद्य पदार्थ चढ़ाया जाता है,जिसको बसौडा भी कहते हैं.इनको चांदी का चौकोर टुकड़ा जिस पर उनका चित्र उकेरा हो ,अर्पित करते हैं.अधिकांशतः इनकी उपासना बसंत तथा ग्रीष्म में होती है जब रोगों के संक्रमण की सर्वाधिक संभावनाएँ होती हैं.