अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर इस वर्ष 100 साल बाद एक अत्यंत दुर्लभ महासंयोग बन रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन आयुष्मान, सौभाग्य, गजकेसरी, त्रिपुष्कर, रवि, मालव्य राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कुल सात शुभ योग एक साथ बन रहे हैं. इस विशेष अवसर पर सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च स्थिति में रहेंगे, जबकि शुक्र वृषभ राशि में विराजमान होंगे. हालांकि, बुध की नीच स्थिति के कारण निवेश में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी, तांबा, मिट्टी का कलश, चावल और जौ जैसी वस्तुओं की खरीदारी शुभ मानी जाती है. इस दिन बिना मुहूर्त के विवाह, नया व्यवसाय और मांगलिक कार्य संपन्न किए जा सकते हैं. विभिन्न राशियों के जातकों के लिए यह दिन पदोन्नति और आर्थिक लाभ के अवसर लेकर आएगा. घर की उत्तर दिशा में स्वास्तिक बनाना और भगवान विष्णु की आराधना करना समृद्धि के लिए प्रभावी उपाय बताए गए हैं. इस दिन किए गए दान-पुण्य और जप-तप का अनंत फल प्राप्त होता है.