ज्येष्ठ मास के प्रथम मंगलवार को देशभर में 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' के रूप में मनाया जा रहा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन त्रेता युग में भगवान राम और हनुमान जी का मिलन हुआ था, जबकि द्वापर युग में हनुमान जी ने भीम का गर्व चूर किया था. इस वर्ष 19 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें अधिक मास के कारण ज्येष्ठ माह 60 दिनों का होगा और कुल आठ बड़े मंगल पड़ेंगे. 5 मई से शुरू हुआ यह सिलसिला 23 जून तक चलेगा. आज एकदंत संकष्टी चतुर्थी और अंगारकी चतुर्थी का भी विशेष योग है. अयोध्या के हनुमानगढ़ी, लखनऊ के बजरंगबली धाम और दिल्ली के प्राचीन हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. भक्त सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं और लखनऊ में जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जा रहा है. साथ ही, मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर सहित विभिन्न गणेश मंदिरों में भी पूजन जारी है. इस दिन हनुमान जी की उपासना और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है.