'इस बार बसंत पंचमी के दिन चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश करेंगे और चंद्रमा से चतुर्थ भाव में गुरु के होने से गजकेसरी का शुभ संयोग बनेगा.' रिपोर्ट के अनुसार, इस दिन बुधादित्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और शिव योग जैसे कई मंगलकारी संयोग एक साथ बन रहे हैं, जो करियर, शिक्षा और व्यापार में तरक्की के द्वार खोल सकते हैं.बसंत पंचमी को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है, जिसमें गृह प्रवेश और संपत्ति की खरीद जैसे शुभ कार्यों के लिए अलग से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती. इसके अलावा, मां सरस्वती की पूजा विधि, पीले वस्त्रों का महत्व और ग्रहों की शांति के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई है.