पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने जरूरतमंद बच्चों के लिए 'बुक बैंक' और लाइब्रेरी की एक सराहनीय पहल शुरू की है. पश्चिमी जिले के डीसीपी विचित्र वीर ने बताया, 'जब मैं बचपन में था, तो हम सीनियर छात्रों से किताबें लेकर पढ़ते थे, वहीं से मुझे इस बुक बैंक का विचार आया.' इस मुहिम के तहत जिले के 12 थानों में लाइब्रेरी बनाई गई है, जहाँ नर्सरी से लेकर UPSC और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें मुफ्त उपलब्ध हैं. सब-इंस्पेक्टर मनीष मधुकर और उनकी टीम इन किताबों को पैक कर बच्चों के घरों तक पहुँचाती है. अब तक 5,500 से अधिक किताबें जमा की जा चुकी हैं. लोग क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी पुरानी किताबें दान कर सकते हैं या किताबों के लिए अनुरोध कर सकते हैं. इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है जो आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ देते हैं.