दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार द्वारा 1 जुलाई से 31 जुलाई तक राजधानी में 'चाइल्ड सेफ्टी अवेयरनेस मंथ' के तहत एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अभियान का उद्देश्य स्कूलों और संस्थानों में बच्चों तथा शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बाल अपराधों पर नियंत्रण पाना है. दिल्ली के 5,633 पंजीकृत स्कूलों, 10,897 आंगनवाड़ी केंद्रों और 88 चाइल्ड केयर संस्थानों सहित कुल 16,600 संस्थानों में लगभग 7 लाख बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया. इस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) की तकनीक, साइबर सुरक्षा, पॉक्सो (POCSO) कानून, गुड टच व बैड टच तथा बच्चों के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई. अभियान की शुरुआत में दिल्ली पुलिस मुख्यालय में शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जिन्होंने आगे अन्य शिक्षकों, बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रशिक्षित किया. इस प्रशिक्षण से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने, यौन शोषण से बचाव और साइबर अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी. बच्चों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की है.