दिल्ली पुलिस की स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वुमन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) द्वारा महिलाओं और बच्चियों के लिए एक विशेष 12-दिवसीय आत्मरक्षा समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है. इस कैंप का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों, जैसे बस और मेट्रो में होने वाली छेड़खानी और अन्य मुश्किल परिस्थितियों से निपटने के लिए सशक्त बनाना है. इसमें छोटी बच्चियों से लेकर 71 वर्ष तक की बुजुर्ग महिलाएं भी हिस्सा ले रही हैं. ट्रेनिंग के दौरान, प्रतिभागियों को आत्मरक्षा की महत्वपूर्ण तकनीकें सिखाई जा रही हैं, जैसे कि गलत तरीके से छूने या हमला होने पर अपना बचाव कैसे करें. उन्हें कलम, किताब और दुपट्टे जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं. इसके अतिरिक्त, चाकू या पिस्तौल जैसे हमलों से बचाव के लिए एडवांस ट्रेनिंग भी दी जा रही है. दिल्ली पुलिस की यह पहल 2002 से चल रही है और अब तक लगभग 30 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है. यह कैंप महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार करने की एक महत्वपूर्ण कोशिश है.