आज तक और ऑल आउट की खास मुहिम 'साथ लड़ेंगे डेंगू से' के तहत डेंगू के बढ़ते मामलों, लक्षणों और बचाव पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू अब केवल मानसून की बीमारी नहीं रही, बल्कि यह साल भर का खतरा बन चुका है। डेंगू के चार अलग-अलग सीरोटाइप होते हैं और बार-बार संक्रमण होने पर यह अधिक गंभीर हो सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि बुखार होने पर तुरंत घबराने या प्लेटलेट्स को लेकर चिंता करने के बजाय हाइड्रेशन पर ध्यान देना चाहिए। पेट दर्द, उल्टी और रैशेज जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है और इसके अंडे बिना पानी के भी एक साल तक जीवित रह सकते हैं। इसलिए घरों और आसपास पानी जमा न होने देना और साफ-सफाई रखना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, पोस्ट-डेंगू सिंड्रोम के कारण मरीजों में लंबे समय तक कई अंगों से जुड़ी समस्याएं भी देखी जा रही हैं।