एम्स और आईसीएमआर की हालिया स्टडी ने खुलासा किया है कि अच्छा दिखने का दबाव युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है. अध्ययन के अनुसार, लगभग 30% मोटे और 15% अधिक वजन वाले युवाओं में बॉडी इमेज को लेकर गहरी चिंता देखी गई है. यह समस्या सिर्फ मोटापे तक सीमित नहीं, बल्कि दुबलेपन से ग्रस्त युवा भी बॉडी इमेज एंजाइटी का सामना कर रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार, दोस्तों और सोशल मीडिया पर होने वाली बॉडी शेमिंग से युवाओं में लो सेल्फ-एस्टीम, डिप्रेशन और एंजाइटी बढ़ रही है. इस विषय पर मनोवैज्ञानिक डॉ. निशा खन्ना, न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. कनिका मल्होत्रा और लाइफस्टाइल कोच मीनल दत्ता ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संतुलन पर जोर दिया. डॉ. खन्ना ने तनाव प्रबंधन के लिए 'S-T-R-E-S-S' फॉर्मूला (स्पोर्ट्स, ट्रिप्स, एंटरटेनमेंट, ईटिंग हैबिट्स, शेयरिंग, साउंड स्लीप) अपनाने की सलाह दी. विशेषज्ञों का मानना है कि सुंदरता से ज्यादा स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और फिटनेस पर ध्यान देना आवश्यक है.