गणेश उत्सव और गणेश चतुर्थी के अवसर पर देश में चल रही तैयारियों, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विशेष संयोगों की पूरी जानकारी दी गई है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक चलने वाले इस 10 दिवसीय गणेशोत्सव में रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं. घर में इको-फ्रेंडली व शादू मिट्टी की प्रतिमा स्थापना, पंचामृत स्नान, मोदक भोग, दूर्वा अर्पण, नित्य आरती, वैदिक मंत्र जाप और सात्विक नियमों के पालन पर चर्चा की गई है। साथ ही आर्थिक समस्याओं, वैवाहिक बाधाओं और स्वास्थ्य सुधार के लिए गणपति के विभिन्न स्वरूपों जैसे पीले, हरे, लाल रक्त वर्ण और धूम्र वर्ण विग्रहों के महत्व का विवरण शामिल है.