देशभर में गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. मुंबई में लालबाग के राजा के दरबार को रामेश्वरम थीम पर सजाया गया है, जिसे 14 सितंबर से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा. इसके साथ ही चिंचपोकली के चिंतामणि गणपति, परेल के महाराजा, रंगारी पदक चाल, साकीनाका और कालाचौकी मंडलों में बप्पा की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति पंडाल को वृंदावन के प्रेम मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है, जबकि नागपुर, सूरत, अकोला और विजयवाड़ा में भी विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के तहत सड़क चौड़ीकरण के दौरान खड़े हनुमान जी के प्राचीन मंदिर की प्रतिमा के विस्थापन पर विवाद खड़ा हो गया है. प्रशासन तकनीकी विशेषज्ञों और आईआईटी इंदौर की मदद से समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है. इसके अलावा रिपोर्ट में ज्वाला देवी की ज्योति, केदारनाथ मंदिर की संरचना व भीम शिला, रामसेतु के तैरते पत्थर, जगन्नाथ मंदिर और उज्जैन के काल भैरव मंदिर से जुड़े वैज्ञानिक व पौराणिक पहलुओं का विवरण भी प्रस्तुत किया गया है.