इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में स्थित एक हज़ार साल पुराने प्रंबानन मंदिर का अब भारत के सहयोग से जीर्णोद्धार किया जाएगा. यह मंदिर भारतीय सांस्कृतिक विरासत और हिंदू धर्म का एक अनूठा प्रतीक है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश में आज भी सहेजा गया है. दोनों देशों के बीच मंदिर के संरक्षण के लिए समझौता हुआ है, जिसमें एनास्टाइलोसिस (Anastylosis) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके तहत मंदिर के गिरे हुए मूल पत्थरों को वैज्ञानिक तरीके से जोड़कर इसका पुनर्निर्माण होगा. प्रंबानन परिसर में ब्रह्मा, विष्णु और महेश के भव्य मंदिर हैं और यहां साल भर रामायण बैले का आयोजन होता है. दिलचस्प बात यह है कि योग्याकार्ता शहर का नाम भारत की अयोध्या नगरी से प्रेरित है. यह पहल दोनों देशों के साझा इतिहास और गहरी सांस्कृतिक जड़ों को और मजबूत करेगी.