प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है. इस अपील के बाद सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. इसमें 10 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 फीसदी कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल है. पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण तेल और सोने की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है. भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी सोना आयात करता है और सालाना 700 से 800 टन सोने की खपत होती है. आयात शुल्क बढ़ने से आम ग्राहकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाएगा. सरकार का मानना है कि इस कदम से व्यापार घाटा कम होगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. शादियों के मौसम में इस फैसले से आभूषण बाजार में असमंजस की स्थिति है, लेकिन कई लोग राष्ट्रहित में इस कदम का समर्थन कर रहे हैं और पुराने सोने के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं.