एक विशेष होली कार्यक्रम में बिहार और अयोध्या की पारंपरिक फाग संगीत प्रस्तुति दिखाई गई। कार्यक्रम में भगवान राम और सीता की होली के गीत प्रस्तुत किए गए, जिनमें 'राम सिया खेले होरिया वो रंग बरसे संवरिया' और 'होली में उड़े ला रंग गुलाल' जैसे पारंपरिक गीत शामिल थे। प्रस्तुतकर्ताओं ने समझाया कि फाग वह सुर है जो सीधे दिल से निकलता है और ढोलक की थाप पर झूम उठता है। कार्यक्रम में भगवान शिव और पार्वती की होली का भी वर्णन किया गया, जिसमें गाया गया कि 'पानिया लाले लाल हे गौरा हमरो के चाहि'। अयोध्य की पारंपरिक होली का वर्णन करते हुए बताया गया कि कैसे राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ने कनक पिचकारी और अबीर से होली खेली। दर्शकों को होली पर्व की अनंत मंगल शुभकामनाएं दी गईं।